माँ नाथल दाई मंदिर परिसर में आयोजित चित्रोत्पला गंगा–महानदी की भव्य महाआरती आज अभूतपूर्व श्रद्धा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुई।
सारंगढ़
सारंगढ़ बिलाईगढ़ ज़िला में पहली बार एवम छ ग में तीसरी बार गंगा महाआरती का आयोजन नाथल दाई मंदिर समिति एवम ग्राम विकास समिति के द्वारा माँ महानदी के संरक्षण एवं सवर्धन के लिए नाथल दाई मन्दिर परिसर में महानदी आरती का आयोजन किया गया
पहली बार आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में क्षेत्रभर से उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक उत्साह से भर दिया। “नदी नहीं, जननी है… रक्षा इनकी करनी है” का संदेश जनसमूह की आस्था के साथ गूंजता रहा।

मुख्य अतिथि के रूप में माननीया श्रीमती कौशल्या देवी साय (मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी) ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। उन्होंने संबोधन में कहा कि महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक अस्मिता और जीवन का आधार है, जिसकी सुरक्षा समाज का सामूहिक दायित्व है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पाण्डेय, छाया विधायक श्रीमती संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री जगन्नाथ पाणिग्राही, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री ज्योति पटेल, जिला पंचायत सभापति डॉ. अभिलाशा नायक, सदस्य सहोदरा सिदार, सरपंच टीमरलगा श्रीमती अनुपमा मुन्ना पटेल और समाजसेवी श्री महेन्द्र अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सर्प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय ने
कार्यक्रम के मुख्यातिथि महोदया को पुष्प गुच्छ से स्वागत किया पश्चात समिति के सदस्यों ने सभी अतिथि गन्नो का माल्यार्पण किया पश्चात महामाला से मन्दिर सीमिति एवम ग्राम विकास सीमिति के सदस्यों ने स्वागत किया गया सभी अतिथियों ने नदियों, वनों और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण के लिए एकजुट होकर जनअभियान चलाने का आह्वान किया एवम संकल्प लिया

पूरे आयोजन का संचालन दीदी माँ प्रज्ञा भारती जी के पावन सानिध्य में हुआ। कार्यक्रम का संचालन ज़िला अधिवक्ता संघ के प्रवक्ता दीपक तिवारी एवम सुनील भोई द्वारा किया गया!प्रज्ञा दीदी ने उद्बोधन में उपस्थित जनसमूह को प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों के पुनर्जागरण की दिशा में प्रेरित किया।
महाआरती के दौरान हजारों दीपों की रोशनी से नदी तट और मंदिर परिसर अलौकिक वातावरण में परिवर्तित हो गया। उपस्थित जनसमूह ने महानदी संरक्षण, प्रदूषण रोकथाम, जलस्रोत सुरक्षा और पर्यावरण बचाने हेतु सामूहिक संकल्प लिया। यह क्षण पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी रहा।
कार्यक्रम पश्चात हुए विशाल महाभंडारे में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। व्यवस्था, सुरक्षा एवं साफ–सफाई में स्थानीय युवाओं, महिला समूहों और स्वयंसेवकों ने उत्कृष्ट कार्य कर सभी का मन जीता।
टीमरलगा एवं आसपास के गांवों में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। ग्रामीणों का कहना था कि नदी संरक्षण पर केन्द्रित इतना बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम पहली बार क्षेत्र में हुआ है, जिसने समाज को पर्यावरण के प्रति नई चेतना और सकारात्मक दिशा दी है।
यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान रहा, बल्कि महानदी संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ है। कार्यक्रम के अंतिम सोपान में आयोजन समिति द्वारा मुख्यातिथि श्रीमती कौशलिया साई को जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय द्वारा शाल एवम स्मृति चिन्ह भेंट किया गया टेकराम पटेल द्वारा प्रज्ञा दीदी को शाल भेट किया गया प्रखर यादव द्वारा ज़िला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय को शाल स्मृति चिन्ह भेंट किया गया साथ ही सभी अतिथि गणों को ईश्वर पटेल,जय पटेल,मोहन पटेल निराकार सुमित अग्रवाल द्वारा शाल एवम स्मृति चिन्ह भेंट किया कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति अधिवक्ता देवेंद्र नाथ नंदे जय वानी सहित ग्राम विकास समिति एवम मन्दिर समिति का रहा अंत मे आभार प्रदर्शन दीपक तिवारी प्रवक्ता ज़िला अधिवक्ता संघ द्वारा किया गया
