
सारंगढ़: किसानों के सम्मान में मैदान में उतरे जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, मानक धान रिजेक्ट करने पर तहसीलदार को दी सख्त चेतावन
सारंगढ़। किसानों की साल भर की खून-पसीने की मेहनत को मंडी के कर्मचारी अपनी मनमानी से बेकार कर रहे थे, जिसे देखकर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय का गुस्सा फूट पड़ा। ग्राम डांसरा धान खरीदी केंद्र में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने देखा कि गुणवत्ता में सही होने के बावजूद किसानों का धान ‘रिजेक्ट’ किया जा रहा है, तो उन्होंने तत्काल मौके पर तहसीलदार और प्रबंधन की क्लास लगा दी।
मानक मापदंड पर सही, फिर भी क्यों हो रही परेशानी?
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने पाया कि कई किसानों का धान सरकार द्वारा निर्धारित मानकों पर बिल्कुल सही था, इसके बावजूद खरीदी केंद्र के कर्मचारी उन्हें बेवजह परेशान कर रहे थे और धान लेने से मना कर रहे थे। इस पर संजय भूषण पाण्डेय ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसान अपनी उपज बेचने के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाएगा, यह उसका अधिकार है।
तहसीलदार को दो टूक: “एक-एक दाना खरीदना होगा”
जिला पंचायत अध्यक्ष ने मौके पर ही तहसीलदार को कड़े निर्देश दिए कि वे खुद अपनी निगरानी में खरीदी सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने कहा कि:
- धान की तौलाई तत्काल शुरू हो: जो धान मानक मापदंडों पर खरा है, उसे बिना किसी बहानेबाजी के तत्काल तौला जाए।
- बहाना नहीं चलेगा: किसानों की मेहनत का अपमान करने वाले कर्मचारी अपनी कार्यशैली सुधारें।
- एक-एक दाना खरीदी: मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप किसानों का एक-एक दाना धान खरीदा जाना चाहिए।
“हम हर समय अन्नदाताओं के साथ खड़े हैं”
किसानों का पक्ष लेते हुए संजय भूषण पाण्डेय ने भावुक और कड़े शब्दों में कहा, “किसान साल भर मेहनत करता है तब जाकर फसल घर आती है। अगर मंडी में उसे परेशान किया जाएगा, तो मैं चुप नहीं बैठूंगा। हम हर समय अपने अन्नदाताओं के साथ खड़े हैं और उनके हक की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेंगे।”
मंडी में हड़कंप
अध्यक्ष के इस कड़े रुख के बाद खरीदी केंद्र में हड़कंप मच गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोबारा किसी भी केंद्र से किसानों को परेशान करने या मानक धान को रिजेक्ट करने की खबर मिली, तो वे स्वयं शासन-प्रशासन के उच्च स्तर पर इसकी शिकायत कर कड़ी कार्यवाही करवाएंगे।
